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राज्य-विशेष 25 May, 2026

उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती का असली कारण क्या है ?

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रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच क्यों बंद पड़े हैं पावर प्लांट ?

उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है। ऐसे में लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत बिजली की है, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है।

सरकार और बिजली विभाग लगातार दावा कर रहे हैं कि रिकॉर्ड स्तर पर बिजली सप्लाई की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग घंटों बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं।
power crisis in Uttar Pradesh Scorching heat and record demand also led to  a deepening with many plants shut down यूपी में गर्मी से बढ़ी डिमांड, लेकिन  बिजली संकट में पावर प्लांट

अब सवाल ये उठता है कि आखिर इतनी बड़ी बिजली संकट की वजह क्या है ?

इसके पीछे एक बड़ी वजह सामने आ रही है — कई पावर प्लांटों का बंद होना।

रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच संकट

22 मई को उत्तर प्रदेश में बिजली खपत ने इतिहास रच दिया।
राज्य में एक ही दिन में करीब 669 मिलियन यूनिट बिजली सप्लाई की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया जा रहा है।

भीषण गर्मी की वजह से एसी, कूलर, पंखे और पानी की मोटरों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है।
शहरों में कमर्शियल बिजली खपत बढ़ी है, वहीं गांवों में भी गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

लेकिन जब मांग इतनी ज्यादा हो, उसी समय अगर बिजली उत्पादन करने वाले बड़े पावर प्लांट बंद हो जाएं, तो संकट और गहरा होना तय है।
भीषण गर्मी का असर: यूपी में 669 मिलियन यूनिट बिजली खपत, सप्लाई पर दबाव बढ़ा  | MP Breaking
आखिर कौन से पावर प्लांट बंद हुए ?

जानकारों के मुताबिक, मई महीने में करीब एक दर्जन पावर प्लांट कुछ दिनों के लिए बंद रहे।
ये प्लांट सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी स्थित हैं, जिनसे यूपी पावर कॉरपोरेशन बिजली खरीदता है।

यानी यूपी खुद पूरी बिजली पैदा नहीं करता, बल्कि कई निजी और सरकारी प्लांटों से बिजली खरीदकर सप्लाई करता है।

लेकिन मई के दौरान:

  • एक 660 मेगावाट का बड़ा पावर प्लांट करीब 15 दिनों तक बंद रहा
  • दूसरा बड़ा प्लांट करीब 11 दिनों तक बंद रहा
  • कई अन्य यूनिट तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस की वजह से उत्पादन नहीं कर सकीं

इसका सीधा असर बिजली सप्लाई पर पड़ा।
दुनियाभर में बंद हो रहे हैं कोयले के पावर प्लांट, आगे क्या होगा - BBC News  हिंदी
बिजली कटौती क्यों बढ़ गई ?

जब बिजली की मांग अचानक बढ़ती है, तब हर यूनिट बिजली की अहमियत बढ़ जाती है।
अगर सप्लाई कम हो जाए, तो बिजली विभाग लोड मैनेजमेंट शुरू करता है।

यानी:

  • कहीं फीडर बंद किए जाते हैं
  • कहीं गांवों में लंबे कट लगाए जाते हैं
  • कहीं शहरी इलाकों में रोटेशन के हिसाब से बिजली दी जाती है

इसी को आम लोग “अघोषित बिजली कटौती” कहते हैं।

हालांकि विभाग तकनीकी कारण या लोकल फॉल्ट बताकर जवाब देता है, लेकिन असली दबाव बिजली की कमी का भी होता है।
बार-बार कटती है आपके घर की बिजली? इसमें भी आपका फायदा... जानिए पूरा नियम -  Power Company is Cutting Electricity Supply than you can claim Compensation  know rules tutd - AajTak

सवाल क्यों उठ रहे हैं ?

सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब मई-जून में हर साल रिकॉर्ड गर्मी पड़ती है और बिजली मांग बढ़ती है, तो फिर उसी समय पावर प्लांट बंद क्यों हुए?

क्या समय रहते मेंटेनेंस नहीं किया जा सकता था?
क्या बैकअप व्यवस्था कमजोर थी?
क्या सरकार ने बढ़ती मांग का सही अनुमान नहीं लगाया ?

ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्मी शुरू होने से पहले प्लांटों की मरम्मत और तकनीकी तैयारी पूरी हो जानी चाहिए थी।
पावर बैकअप सिस्टम: निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना | गैजेट्रोनीएक्स
आम जनता सबसे ज्यादा परेशान

इस बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।

  • छोटे दुकानदार परेशान हैं
  • गांवों में पानी की समस्या बढ़ रही है
  • बच्चे और बुजुर्ग गर्मी में बेहाल हैं
  • रात में घंटों बिजली कटने से लोगों की नींद खराब हो रही है

कई इलाकों में लोग सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर बिजली संकट की शिकायत कर रहे हैं।
गाँवों में पानी के संकट को मिटाएगा जल जीवन मिशन, आसान नहीं है डगर पनघट की |  TERI
सरकार क्या कह रही है ?

बिजली विभाग का कहना है कि रिकॉर्ड स्तर पर बिजली सप्लाई की जा रही है और मांग लगातार बढ़ रही है।
विभाग का दावा है कि तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक किया जा रहा है और सप्लाई सामान्य करने की कोशिश जारी है।

लेकिन जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है —
अगर रिकॉर्ड बिजली सप्लाई हो रही है, तो फिर इतनी कटौती क्यों ?
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निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में इस समय बिजली संकट सिर्फ बढ़ती गर्मी की वजह से नहीं, बल्कि कई पावर प्लांटों के बंद होने की वजह से भी गहरा गया है।

रिकॉर्ड मांग के बीच बिजली उत्पादन प्रभावित होना सीधे तौर पर सप्लाई पर असर डाल रहा है।
अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में सरकार और बिजली विभाग इस संकट से कैसे निपटते हैं।

क्योंकि अगर गर्मी और बढ़ी और बिजली उत्पादन पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं।
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